Train Ticket Timing Changed : को लेकर भारतीय रेलवे ने हाल ही में टिकट बुकिंग सिस्टम में कई बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। अगर आप भी पहले से ट्रेन की प्लानिंग करके टिकट बुक करने वालों में से हैं, तो ये अपडेट आपके लिए काफी काम की है। रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का मकसद टिकट सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, संतुलित और आम यात्रियों के लिए फायदेमंद बनाना है। लंबे समय से एडवांस बुकिंग, फर्जी रिजर्वेशन और बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं, जिन पर अब सख्ती की जा रही है।
Indian Railways Ticket Booking New Rules 2024-25 क्या कहते हैं
Indian Railways Ticket Booking New Rules 2024-25 के तहत सबसे बड़ा बदलाव Advance Reservation Period यानी ARP में किया गया है। पहले यात्री 120 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। यह नियम 1 नवंबर 2024 से लागू कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि चार महीने पहले टिकट बुक करने की सुविधा का कई लोग गलत फायदा उठा रहे थे। लोग टिकट बुक करके बाद में कैंसिल कर देते थे, जिससे सीटें लंबे समय तक ब्लॉक रहती थीं और जरूरतमंद यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था। अब 60 दिन की सीमा से उम्मीद है कि वही लोग टिकट बुक करेंगे जिन्हें सच में यात्रा करनी है।
वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता
रेलवे का साफ कहना है कि इस नए नियम से असली यात्रियों को फायदा मिलेगा। पहले त्योहारों या छुट्टियों में कई सीटें महीनों पहले बुक हो जाती थीं और बाद में बड़ी संख्या में कैंसिल भी हो जाती थीं। इससे वेटिंग लिस्ट लंबी रहती थी और आखिरी समय में सीटें खाली रह जाती थीं। अब कम बुकिंग विंडो के कारण डिमांड का सही अंदाजा लगाना आसान होगा। हां, यात्रियों को अब थोड़ा ज्यादा सतर्क रहना होगा क्योंकि 60 दिन की सीमा में टिकट जल्दी फुल भी हो सकते हैं।
टिकट कैंसिलेशन और नो-शो यात्रियों पर नियंत्रण
पहले की व्यवस्था में रेलवे को सबसे बड़ी परेशानी भारी संख्या में कैंसिलेशन और नो-शो यात्रियों से थी। आंकड़ों के मुताबिक करीब 21 प्रतिशत टिकट यात्रा से पहले रद्द हो जाते थे और लगभग 5 प्रतिशत यात्री टिकट होने के बावजूद सफर नहीं करते थे। इससे सीटों का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था में उम्मीद की जा रही है कि लोग सोच-समझकर टिकट बुक करेंगे और अनावश्यक बुकिंग कम होगी। इससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
Tatkal टिकट बुकिंग से जुड़े नए नियम
Tatkal टिकट को लेकर भी रेलवे ने सख्त कदम उठाए हैं। जुलाई 2025 से Tatkal टिकट बुक करते समय आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर जरूरी किया जाएगा। OTP वेरिफिकेशन के बिना टिकट बुक नहीं हो पाएगा। इसका मकसद साफ है—फर्जी आईडी, बॉट्स और दलालों पर रोक लगाना। इसके अलावा Tatkal बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट तक अधिकृत एजेंट टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। इस दौरान सिर्फ आम यात्रियों को मौका मिलेगा। इससे उम्मीद है कि Tatkal टिकट के लिए होने वाली मारामारी थोड़ी कम होगी और असली यात्रियों को बेहतर मौका मिलेगा।
वेटिंग टिकट पर सख्त नीति
अब वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर या AC कोच में यात्रा करना आसान नहीं रहेगा। नए नियमों के अनुसार वेटिंग टिकट धारक आरक्षित डिब्बों में सफर नहीं कर पाएंगे। अगर कोई ऐसा करता है तो TTE को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है, जिसमें जुर्माना या अगले स्टेशन पर उतारना भी शामिल हो सकता है। रेलवे का कहना है कि यह कदम कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी है। इससे आरक्षित कोच में भीड़ कम होगी और सफर ज्यादा आरामदायक बन सकता है।
रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के समय में बदलाव
रेलवे अब रिजर्वेशन चार्ट को ट्रेन के प्रस्थान से करीब 8 घंटे पहले तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। पहले कई बार अंतिम समय तक टिकट की स्थिति साफ नहीं होती थी, जिससे यात्रियों को तनाव रहता था। अगर चार्ट पहले तैयार हो जाएगा तो यात्रियों को अपनी टिकट स्थिति समय रहते पता चल सकेगी। इससे वे जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था भी कर सकेंगे। यह बदलाव खासतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वालों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
किराए में मामूली बढ़ोतरी
कुछ ट्रेनों के किराए में हल्की बढ़ोतरी भी की गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में प्रति किलोमीटर 1 से 2 पैसे तक का इजाफा हुआ है। रेलवे का कहना है कि यह बढ़ोतरी बहुत मामूली है और इससे मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व कोच मेंटेनेंस, साफ-सफाई और सेवाओं को बेहतर बनाने में खर्च किया जाएगा। यात्रियों को उम्मीद है कि अगर किराया थोड़ा बढ़ा है तो सुविधाओं में भी सुधार नजर आएगा।
विशेष यात्रियों के लिए सुविधाएँ
सीनियर सिटीजन, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद यात्रियों के लिए लोअर बर्थ प्राथमिकता को और मजबूत किया गया है। इससे इन यात्रियों को चढ़ने-उतरने में कम परेशानी होगी और यात्रा ज्यादा सुरक्षित बन सकेगी। रेलवे लगातार कोशिश कर रहा है कि कमजोर वर्गों को यात्रा में ज्यादा सुविधा दी जा सके।
Train Ticket Timing Changed से संभावित फायदे
Train Ticket Timing Changed और अन्य नए नियमों से टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगने की उम्मीद है। पहले लंबी एडवांस बुकिंग का फायदा उठाकर कुछ लोग टिकट ब्लॉक कर लेते थे और बाद में ऊंचे दाम पर बेचते थे। अब कम बुकिंग अवधि और सख्त वेरिफिकेशन से ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण आसान हो सकता है। कुल मिलाकर रेलवे का मकसद यही है कि टिकट उसी को मिले जिसे सच में यात्रा करनी है।
यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आपने 31 अक्टूबर 2024 से पहले 120 दिन की पुरानी व्यवस्था के तहत टिकट बुक किया है तो वह पूरी तरह मान्य रहेगा। नया नियम केवल 1 नवंबर 2024 के बाद की गई बुकिंग पर लागू होता है। कुछ छोटी दूरी की ट्रेनों और विशेष कोटा में अलग नियम जारी रह सकते हैं। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ताजा जानकारी जरूर देख लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। रेलवे नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। टिकट बुकिंग या यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या रेलवे द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना जरूर जांच लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।









