New Income Tax Draft 2026 : सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट 2026 के जरिए वित्तीय लेन-देन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। इस ड्राफ्ट में PAN (Permanent Account Number) के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम प्रस्तावित किए गए हैं। अब बैंक, प्रॉपर्टी, निवेश और हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शंस में PAN का होना अनिवार्य होगा। पुराने समय में लोग बड़ी नकद राशि के लेन-देन बिना किसी रिकॉर्ड के कर लेते थे, लेकिन अब डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मोटर व्हीकल खरीद पर नया नियम
पहले सिर्फ 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहन पर PAN अनिवार्य था और दोपहिया वाहनों में यह नियम लागू नहीं होता था। नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार अब 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली कार, बाइक या SUV खरीदने पर PAN देना जरूरी होगा। केवल ट्रैक्टर को इस नियम से बाहर रखा गया है। इसका उद्देश्य हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शंस को ट्रैक करना और टैक्स चोरी को रोकना है। इससे महंगी गाड़ियों की खरीद अब पूरी तरह रिकॉर्ड में आएगी।
होटल और रेस्टोरेंट में भुगतान
अब तक 50,000 रुपये से ज्यादा कैश भुगतान पर PAN अनिवार्य था। नए ड्राफ्ट नियम में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि 1 लाख रुपये से कम के भुगतान पर PAN की जरूरत नहीं होगी, लेकिन बड़े बिल अब भी निगरानी में रहेंगे। छोटे और मध्यम लेन-देन में लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन बड़े भुगतान अब डिजिटल और रिकॉर्डेड होने होंगे।
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर बदलाव
पहले सालाना 50,000 रुपये से अधिक के लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर PAN अनिवार्य था। नए नियम के अनुसार अब सभी नई पॉलिसी और अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप के लिए PAN देना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य बीमा सेक्टर में वित्तीय गतिविधियों की पारदर्शिता बढ़ाना है। अब लगभग हर पॉलिसी और उसका भुगतान PAN के तहत आएगा, जिससे टैक्स ट्रैकिंग मजबूत होगी।
प्रॉपर्टी सौदों में नई सीमा
संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN की अनिवार्यता अब 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। इसका मतलब है कि 20 लाख रुपये से कम की संपत्ति खरीदने या बेचने पर PAN की जरूरत नहीं होगी। यह छोटे शहरों और कस्बों में लेन-देन करने वालों के लिए राहत भरा कदम है। हालांकि, 20 लाख रुपये से ऊपर के सौदे अब भी निगरानी में रहेंगे और डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होंगे।
बैंक और पोस्ट ऑफिस से कैश निकासी
पहले 20 लाख रुपये से ज्यादा कैश निकासी पर रिपोर्टिंग जरूरी थी। नए ड्राफ्ट में इसे घटाकर 10 लाख रुपये किया गया है। यानी अगर आप वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश निकालते हैं, तो इसकी जानकारी टैक्स विभाग को जाएगी। यह नकद लेन-देन को कम करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए किया गया कदम है। सरकार का संदेश साफ है—नकदी का जमाना खत्म हो रहा है और पारदर्शिता का दौर शुरू हो चुका है।
आम आदमी पर असर
इन नियमों से घबराने की जरूरत नहीं है। जो लोग ईमानदारी से टैक्स भरते हैं और अपने लेन-देन का रिकॉर्ड सही रखते हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। नियम खासतौर पर बड़े नकद लेन-देन और टैक्स चोरी रोकने के लिए हैं। अब हर बड़ा लेन-देन डिजिटल और रिकॉर्डेड होगा। इसलिए समय रहते अपने वित्तीय दस्तावेज अपडेट रखें, PAN को आधार से लिंक करें और लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखें।
राय और फाइनल नोटिफिकेशन
आयकर विभाग ने इन ड्राफ्ट नियमों पर 22 फरवरी तक आम जनता और विशेषज्ञों से राय मांगी है। इसके बाद फाइनल नियम जारी किए जाएंगे। संभावना है कि कुछ बदलाव भी देखे जा सकते हैं। इसलिए अभी किसी भी अफवाह या अनुमान पर भरोसा न करें।
भारत की टैक्स व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी होती जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए PAN नियम इसके मजबूत कदम हैं। बड़े लेन-देन अब रिकॉर्डेड होंगे और टैक्स चोरी पर नियंत्रण बढ़ेगा। नियमों का पालन करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव बोझ नहीं बल्कि वित्तीय व्यवस्था की मजबूती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इनकम टैक्स नियम और PAN से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन और सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार भिन्न हो सकती है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आयकर विभाग या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।









