सरसों तेल के दामों में आई बड़ी गिरावट, जानें आज की नई कीमतें | Mustard Oil Today Price Drop

By Arushi Sharma

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Mustard Oil Today Price Drop : फरवरी 2026 में सरसों तेल की कीमतों में आई अचानक गिरावट ने आम लोगों को काफी राहत दी है। रसोई का खर्च हर घर के बजट का अहम हिस्सा होता है और जब खाने का तेल महंगा होता है तो सीधा असर जेब पर पड़ता है। ऐसे में जब खबर आती है कि कुछ बाजारों में सरसों तेल का रेट करीब ₹59 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, तो यह स्वाभाविक है कि लोग राहत महसूस करें। हालांकि यह कीमत हर शहर या दुकान पर समान नहीं है, लेकिन बाजार में नरमी साफ दिखाई दे रही है।

कीमतों में गिरावट के पीछे की वजहें

सरसों तेल के दाम कम होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी वजह है नई फसल की अच्छी आवक। इस बार सरसों की पैदावार बेहतर बताई जा रही है और मंडियों में नई फसल पर्याप्त मात्रा में पहुंच रही है। जब तेल मिलों को कच्चा माल आसानी से और सस्ते में मिल जाता है, तो उत्पादन बढ़ता है और सप्लाई मजबूत होती है। सप्लाई ज्यादा होने पर कीमतों का कम होना लगभग तय होता है।

दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में नरमी है। पाम ऑयल और सोयाबीन तेल जैसे विकल्प जब सस्ते होते हैं, तो बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है। उपभोक्ता भी सस्ता विकल्प चुनने लगते हैं, जिससे सरसों तेल के व्यापारियों पर दबाव बनता है कि वे कीमतें कम करें। यही वजह है कि सरसों तेल के दामों में भी गिरावट देखने को मिल रही है।

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इसके अलावा इस बार स्टॉक की स्थिति भी मजबूत है। पिछले साल की तुलना में इस बार बाजार में माल की कमी नहीं है। जब गोदामों में पर्याप्त स्टॉक होता है, तो व्यापारी ज्यादा दाम वसूल नहीं कर पाते। थोक बाजार में आई गिरावट का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है।

मौजूदा बाजार में स्थिति

देश के कई शहरों और कस्बों में सरसों तेल के दाम पहले की तुलना में कम हो गए हैं। हालांकि कीमतें जगह, ब्रांड और पैकिंग के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन ₹59 प्रति लीटर तक की चर्चा ने बाजार में हलचल जरूर पैदा की है। कुछ स्थानीय बाजारों में ढीला तेल सस्ता मिल रहा है, जबकि ब्रांडेड पैकिंग में थोड़ी ज्यादा कीमत बनी हुई है।

बड़े ब्रांड्स ने भी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपने दामों में कुछ कटौती की है। वहीं छोटे और स्थानीय ब्रांड्स में ज्यादा तेजी से गिरावट देखने को मिली है। थोक बाजार में आई नरमी का असर धीरे-धीरे किराना दुकानों और सुपरमार्केट तक पहुंच रहा है। आने वाले हफ्तों में अगर सप्लाई इसी तरह बनी रहती है, तो खुदरा कीमतों में और राहत मिल सकती है।

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घरेलू बजट पर असर

सरसों तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा आम परिवारों को मिल रहा है। रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला यह तेल अगर सस्ता हो जाए तो हर महीने के खर्च में कुछ न कुछ बचत जरूर होती है। खासकर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों के लिए यह राहत काफी मायने रखती है।

ग्रामीण इलाकों में जहां सरसों तेल मुख्य खाना पकाने का माध्यम है, वहां यह गिरावट और भी महत्वपूर्ण है। तेल सस्ता होने से परिवार अपनी बचत को बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य या अन्य जरूरी खर्चों में लगा सकते हैं। महंगाई के दौर में खाद्य तेल का सस्ता होना किसी राहत से कम नहीं है।

किसानों और व्यापारियों के लिए प्रभाव

जहां उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है, वहीं किसानों के लिए स्थिति थोड़ी मिश्रित हो सकती है। अगर सरसों की कीमतें बहुत ज्यादा गिर जाती हैं, तो किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। हालांकि अच्छी पैदावार के कारण उत्पादन ज्यादा हुआ है, लेकिन बाजार भाव कम होने से मुनाफा सीमित रह सकता है।

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व्यापारियों के लिए भी यह समय सावधानी का है। जिन व्यापारियों ने ऊंचे दाम पर स्टॉक खरीद रखा है, उन्हें नुकसान हो सकता है। वहीं जो लोग सही समय पर खरीद और बिक्री का संतुलन बनाए रखेंगे, उन्हें फायदा भी हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा जोखिम और अवसर दोनों साथ लेकर आता है।

भविष्य में कीमतों का रुझान

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नई फसल की आवक बनी रहेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहेगा, तब तक कीमतें नियंत्रण में रह सकती हैं। लेकिन अगर मांग अचानक बढ़ती है, जैसे शादी या त्योहारों के मौसम में, तो हल्की तेजी देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा मौसम की स्थिति और निर्यात-आयात नीतियां भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किसी कारण से उत्पादन प्रभावित हुआ या अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी आई, तो घरेलू बाजार में भी असर दिख सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए यह समय राहत भरा है और जरूरत के हिसाब से खरीदारी करना समझदारी होगी।

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कुल मिलाकर, सरसों तेल के दामों में आई गिरावट ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। ₹59 प्रति लीटर तक की चर्चा ने लोगों को उम्मीद दी है कि रसोई का खर्च कुछ हद तक कम हो सकता है। महंगाई के बीच खाद्य तेल सस्ता होना हर परिवार के लिए अच्छी खबर है।

Disclaimer : यह लेख सामान्य बाजार रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सरसों तेल की कीमतें शहर, ब्रांड, गुणवत्ता और समय के अनुसार बदल सकती हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार में ताजा दर जरूर जांच लें। बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि करना उचित रहेगा।

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