School Holiday Update 2026 – फरवरी 2026 की शुरुआत बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए कई राज्यों में 5 दिन तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। उत्तर भारत के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा और बेहद कम तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे में छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने छुट्टियां घोषित की हैं। यह फैसला खासतौर पर नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लिया फैसला
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है। सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी वजह से राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने समय रहते स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे पहले है। जब मौसम सामान्य होगा, तभी नियमित कक्षाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। इस फैसले से अभिभावकों को भी मानसिक राहत मिली है।
छोटे बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों की तुलना में कम होती है। ठंड में सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। स्कूलों में एक साथ बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहते हैं, जिससे बीमारी फैलने की संभावना और बढ़ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि अत्यधिक ठंड के दौरान बच्चों को घर की गर्माहट में रखना बेहतर होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक और मिडिल क्लास के छात्रों के लिए छुट्टियां बढ़ाई गई हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई से जारी रहेगी शिक्षा
हालांकि स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन पढ़ाई पूरी तरह से रुकेगी नहीं। कई स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास, होमवर्क और डिजिटल असाइनमेंट के जरिए पढ़ाई जारी रखने की तैयारी की है। शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप, गूगल मीट और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इससे बच्चों का सिलेबस भी आगे बढ़ता रहेगा और वे पढ़ाई से जुड़े रहेंगे। छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन सत्र सीमित समय के लिए रखे जा रहे हैं ताकि उनकी आंखों और सेहत पर ज्यादा असर न पड़े।
कॉलेज और बड़ी कक्षाओं के लिए अलग व्यवस्था
जहां छोटे बच्चों के लिए पूरी छुट्टी घोषित की गई है, वहीं 9वीं से ऊपर की कक्षाओं और कॉलेजों में समय में बदलाव किया गया है। कई जगह सुबह की बजाय दोपहर में कक्षाएं चलाने का फैसला लिया गया है ताकि छात्र घने कोहरे से बच सकें। कुछ संस्थानों में जरूरत के अनुसार हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों का सहारा लिया जा रहा है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
अभिभावकों की बढ़ी जिम्मेदारी
छुट्टियों के दौरान बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी पूरी तरह अभिभावकों पर होती है। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाना, पौष्टिक भोजन देना और सुबह-शाम की ठंड से बचाना जरूरी है। इस दौरान बच्चों को घर के अंदर हल्की एक्सरसाइज, योग या खेलकूद में व्यस्त रखें। साथ ही पढ़ाई का हल्का-फुल्का रिवीजन भी कराते रहें ताकि स्कूल खुलने पर उन्हें दिक्कत न हो। स्क्रीन टाइम को सीमित रखें और किताब पढ़ने या क्रिएटिव एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें।
अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
सोशल मीडिया पर छुट्टियों को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलती रहती हैं। कभी 10 दिन की छुट्टी तो कभी पूरे महीने स्कूल बंद होने की खबर वायरल हो जाती है। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल राज्य शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन या अपने स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लें। किसी भी अनजान मैसेज या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता
फरवरी की ये 5 दिन की छुट्टियां बच्चों के लिए छोटी सी राहत जरूर हैं, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य उनकी सुरक्षा है। पढ़ाई बाद में पूरी की जा सकती है, लेकिन स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन का यह फैसला बच्चों के हित में एक जिम्मेदार कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि मौसम सामान्य होते ही स्कूल फिर से खुलेंगे और बच्चे नई ऊर्जा के साथ पढ़ाई शुरू करेंगे।
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। स्कूल छुट्टियों से संबंधित अंतिम निर्णय संबंधित राज्य सरकार, जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार ही मान्य होगा। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से प्राप्त आधिकारिक नोटिस या सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।



